भूकंप क्या है और कैसे आता है

Earthquake

जैसा की नाम से ही स्पष्ट है की भू यानि धरती और कम्प यानि कम्पन्न या हिलना। अर्थात अचानक से धरती में कम्पन्न होना। यदि ये कम्पन्न कम है तो खतरनाक नहीं होता परन्तु यदि ये तेज़ है तो हज़ारो लाखों जिंदगियां और अरबो खरबो की संपत्ति को तहस नहस कर सकता है। ये एक प्राकृतिक आपदा है जिसका पहले से अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। बस इसके आने पर महसूस किया जा सकता है और कुछ सावधानियों से खुद को और दूसरो को बचाया जा सकता है। तो आईये जानते है भूकंप आता कैसे है?

भूकंप (Earthquake) पृथ्वी में आता है तो पहले हम पृथ्वी की संरचना के बारे में जान लेना चाहिए। पृथ्वी की मुख्य चार पर्त है, जिनमे से सबसे अंदर की पर्त इनर कोर, दूसरी आउटर कोर, तीसरी मैंटल और आखरी है क्रस्ट जिसपर हम रहते है। इनर कोर ठोस और काफी गर्म होता है आउटर कोर द्रव (लावा) के रूप में होता है। भूकंप की शुरुआत पृथ्वी के कोर से होती है। आउटर कोर में उपस्थित चट्टानों का लावा गर्म होकर ऊपर की ओर बढ़ता है और क्रस्ट से टकराकर वापस निचे की ओर आ जाता है। यह प्रक्रिया लगातार चलती रहती है और इस प्रक्रिया को कन्वेक्शन करंट कहते है।

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लावा जब ऊपर से नीचे आता है तो वो कुछ ठोस चट्टानों को भी अपने साथ नीचे लेकर जाता है। इसलिए मैंटल की पर्त हर समय गतिशील रहती है और इसके ऊपर की क्रस्ट यानि टेक्टोनिक्स प्लेट भी गतिशील रहती है। टेक्टोनिक्स प्लेट गतिशील होने की वजह से एक दूसरे के पास आती है या दूर जाती है और कभी-कभी आपस में टकरा जाती है। इन प्लेट के टकराने की वजह क्रस्ट में कम्पन्न उत्पन्न होता है, जिसे हम भूकंप कहते है।

भूकंप की तीव्रता किससे मापते है

भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का उपयोग किया जाता है। रिक्टर स्केल का अविष्कार अमेरिका के वैज्ञानिक चार्ल्स रिक्टर ने अपने साथी बेनो गुटेनबर्ग के साथ मिलकर 1935 में किया था। तब वे कैलिफोर्निया इंस्टीटूट ऑफ टेक्नोलॉजी में कार्यरत थे। रिक्टर स्केल पर 2.1 तीव्रता के भूकंप महसूस नहीं होते। इस स्केल पर 2 से लेकर 10 तक मापने के लिए अंक होते है। रिक्टर स्केल पर अभी तक का सबसे तेज़ भूकंप 9.5 की तीव्रता का दर्ज किया गया है। यह चिली के वाल्डिविया शहर में आया था और इसकी वजह से सुनामी आयी, जिसने जापान, हवाई, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फ्लिपिंस में भारी तबाही मचाई थी।

दुनिया में सबसे ज्यादा भूकंप जपान मे आते है, इसलिए भूकंप का शहर जापान को कहा जाता है। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2 से 3 तक अंकित होने पर छोटा भूकंप माना जाता है । 4.1 से 4.9 तक हलके 5.1 से 5.9 तक माध्यम और 6 से 6.9 तक शक्तिशाली व 7.9 तक बड़े,8.9 तक महान और इसके ऊपर विनाशकारी भूकंप माने जाते है। अभी तक 10 की तीव्रता वाला भूकंप कभी अंकित नहीं हुआ है। यदि रिक्टर स्केल पर 8 की तीव्रता का भूकंप अंकित किया जाता है तो इसकी शक्ति 60 लाख टन विस्फोटक के बराबर होती है। इस तीव्रता के भूकंप की शक्ति का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते है की ये भूकंप हिरोशिमा और नागाशाकी में गिरे परमाणु बम से कई गुना शक्तिशाली है।