दिवाली पर पटाखों को लेकर जारी की गई गाइडलाइन

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जैसा की आप सब जानते है की दिवाली का त्यौहार आने वाला है। दिवाली के त्यौहार में यदि पटाखे न जलाये जाये तो त्यौहार फीका रहता है। लेकिन यह भी सभी को पता है की ज्यादा संख्या में पटाखे जलाने से हमारे पर्यावरण को हानि होती है। पटाखे जलने से जो धुआँ और ध्वनि होती है उससे वायु तथा ध्वनि प्रदुषण होता है। जिसके कारण हमारे पर्यावरण को हानि होती है। इसलिए हमारे पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने गाइडलाइन जारी की है।

बता दें की अब दीवाली से पहले सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पटाखों को लेकर गाइडलाइन जारी की है। जिसके मुताबिक ही पटाखे बेचे और जलाए जाएंगे। आज सुप्रीम कोर्ट में पटाखों के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगाने की मांग से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई की गई। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। दिवाली के दिन रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे जलाने की छूट दी है।

बता की इससे पहले साल 2017 में दिवाली पर दिल्ली में पटाखों की बिक्री पर बैन लगा था। जिससे दिल्ली में बहद कम आतिशबाज़ी हुई थी। इस कारण दीवाली के एक दिन बाद दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण 2016 के मुकाबले काफी कम रहा था। इसलिए इस बार भी सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली के दिन रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे जलाने की छूट दी है।इसका मतलब केवल 2 घंटे ही पटाखे जलाए जा सकेंगे।सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सभी धर्मों पर पटाखों को लेकर ये आदेश लागू होनाचाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने न्यू ईयर पर भी पटाखे चलाने के लिए समय का निर्धारण किया गया है। न्यू ईयर पर 11.55 से 12.30 तक ही पटाखे जलाए जा सकेंगे।

दिवाली के त्यौहार पर छापेमारी की कार्यवाही हुई शुरू

बता दें की लखनऊ की औषधि प्रशासन की टीम ने आज नाका थाना क्षेत्र के चारबाग पानदरीबा इलाके में स्थित श्यामजी इंटरप्रसेंस पर छापा मारा। अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुँच कर सैम्पल कलेक्ट किये। कार्यवाही में जांच के दौरान बड़ी मात्रा में घुनी हुई रंगीन सुपारी मिली। प्रशाशन ने बताया की 750 बोरी सुपारी में तमाम खामियां मिली है। बता दें की मौके पर पहुंचे अधिकारी सीजर की कार्यवाही कर रहे है। प्रशाशन टीम ने बताया है की कर्मचारियों सहित मालिक से भी पूछताछ की जा रही है।