पुल निर्माण कार्य को लेकर डिप्टी सीएम ने किया समीक्षा

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उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पुलों, आरओबी तथा फ्लाई ओवर के निर्माण को लेकर कार्य प्रगति की समीक्षा किया। उत्तर प्रदेश में 211 सेतु बनाए जा रहे हैं और 128 लक्षित पुल हैं जिनको मार्च 2020 तक पूरे किये जाने के लिए उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ, अयोध्या तथा वाराणसी में निर्माणाधीन परियोजनाओं पर ख़ास तौर पर ध्यान दिया जाए और आरओबी के बारे में रेलवे के अधिकारियों से प्रतिमाह बातचीत की जाए।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य गुरुवार को प्रदेश में बनाए जा रहे पुलों, आरओबी तथा फ्लाई ओवर के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उनका कहना है कि पुलों का निर्माण रोज़ दो शिफ्टों में कराया जाए और भूमि अधिग्रहण के कार्य में कोई विलम्ब न हो। आरओबी तथा फ्लाई ओवर के नीचे किसी तरह का अतिक्रमण ना होने पाये। उन्होंने बताया कि पुलों के निर्माण के लिए पैसे की बिलकुल भी कमी नहीं है।

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बाईपास तथा फ्लाई ओवर बनाने में यह सुनिश्चित किया जाए कि स्थानीय आवश्यकताओं को देखते हुये किस कार्य में कम धनराशि खर्च होगी इसी हिसाब से वही कार्य कराये जाएं जिससे कम धनराशि खर्च हो। अगर ज्यादा धनराशि खर्च होनी हो तो स्थानीय ज़रुरतों के हिसाब से बाईपास या अण्डरपास बनाए जाएं। साथ ही कहा कि अगले 20 सालों की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही सभी परियोजनाओं को बनाया जाए। उन्होने निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में जहाँ भी अतिक्रमण दिखे तो स्थानीय प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमण हटवाया जाय। साथ ही पर्यावरण प्रदूषण को लेकर ज़ोर देते हुए उन्होने कहा कि निर्माण कार्य में पर्यावरण प्रदूषण न होना चाहिए और इसके लिए आवश्यक उपाय अनिवार्य रूप से किये जाए और सभी फ्लाई ओवरों पर अच्छी और सुन्दर रेलिंग लगाई जाए।

कानून व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर हुई समीक्षा बैठक

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अभिलेखों का डिजिलिटीकरण किया जाय। उन्होंने निर्देश दिया कि सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक दो शिफ्टों में काम कराया जाए और काम करने वाले मज़दूरों का बीमा ज़रूर कराया जाय। केशव प्रसाद मौर्य ने सड़कों की मरम्मत समय से सुनिश्चित कराने को कहा और साथ ही इससे सम्बंधित विभागों के साथ उच्च स्तर की बैठक करके इसका समाधान सुनिश्चित कराने के लिए कहा है। उन्होंने बनाए जाने वाले नए सेतुओं की सूची उपलब्ध कराने का आदेश दिया।

समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण, लोक निर्माण के विभाग के सचिव रंजन कुमार, लोक निर्माण विभाग के विभागाध्यक्ष रमेश चन्द्र बर्नवाल, मुख्य अभियन्ता (मु-1) संजय गोयल तथा सेतु निगम के विभिन्न मण्डलों के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर मुख्य रूप से मौजूद थे।