रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लाल बहादुर शास्त्री जी को श्रद्धांजलि अर्पित की

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आज शुक्रवार को ताशकंद में देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा ताशकंद में लाल बहादुर शास्त्री जी की याद में बने विद्यालय में जाकर वहां पढ़ने वाले बच्चों से मुलाकात की। रक्षामंत्री ने ट्वीट कर कहा लाल बहादुर शास्त्री जी ने देश का नेतृत्व ऐसे नाजुक समय में किया जब देश के सामने कई तरह के संकट थे। शास्त्री जी ने अपनी दृढ़ संकल्पशक्ति का परिचय देते हुए पुरे देश में एक नयी ऊर्जा का संचार किया। शास्त्री जी ने जय जवान जय किसान का आह्वाहन करके सबको एक जुट किया। ताशकंद में शास्त्री जी के दु:खद निधन से देश ने न केवल कद्दावर पीएम खोया बल्कि भारत की जनता ने अपना एक लाल भी गवा दिया। मै आज यहाँ की धरती से उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1965 में युद्ध हुआ था और दोनों सेनाएं एक दूसरे की सीमा में घुस गयी थी। जिसके बाद युद्ध को रोकने के लिए ताशकंद समझौता हुआ। इस समझौते के तहत दोनों देशों को अपनी सेनाओं को पीछे हटाना था और मामले को शांतिपूर्वक हल करना था। उस समय भारत के प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी थे और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अयूब खान थे। दोनों पीएम की लम्बी वार्ता के बाद ताशकंद समझौता हुआ था। इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के कुछ घंटो बाद शास्त्री जी की दु:खद मृत्यु हो गयी थी।