Rafale Deal पर कांग्रेस के सवाल,BJP ने दिया ये ज़वाब

Rafale Deal
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आज बुधवार 29 जुलाई को Indian Air Force की शक्ति में काफी बढ़ोतरी हुई है। क्योंकि अत्याधुनिक हथियारों से लैस राफेल लड़ाकू विमान भारत आ गया है। लेकिन अब इस को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। कांग्रेस का आरोप है कि नहीं Rafale Deal में घोटाला किया गया है। जबकि BJP इन आरोपों को गलत बता रही है।

क्या है पूरा मामला

Rafale Deal 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपई ने की थी। लेकिन इसके 1 वर्ष बाद केंद्र में यूपीए की सरकार आ गई। Congress फ्रांस की सरकार से फिर राफेल खरीदने की डील करने लगी। लेकिन किसी वजह से बात नहीं बनी। इसके बाद 2014 में बीजेपी की सरकार आई और 2016 में एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Rafale की डील फ्रांस की सरकार के साथ फाइनल कर दी।

लेकिन इसके सही कीमत नहीं बताई गई जिसके बाद Congress ने मोदी सरकार पर घपला करने का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि हमने एक Rafale विमान की कीमत 526 करोड़ रुपए में फ्रांस सरकार से तय की थी। तो फिर मोदी सरकार एक राफेल विमान 1670 करोड़ में क्यों कर रही है?

1.कांग्रेस के सवाल है कि 526 करोड़ के विमान को 1627 करोड़ में क्यों खरीदा जा रहा है?
2.हमारी सरकार में 126 राफेल लड़ाकू विमान आने थे। लेकिन मोदी सरकार सिर्फ 36 क्यों ला रही है?
3.HAL जो 70 साल से काम कर रखी है उसकी जगह रिलायंस को कॉन्ट्रैक्ट क्यों दिया गया?

BJP का जवाब

जबकि बीजेपी का इन आरोपों पर कहना है कि राफेल की कीमत को लेकर जब कोर्ट में सवाल उठाया गया तो Supreme Court ने सरकार को निर्देशित किया कि बंद लिफाफे में सीक्रेट डाक्यूमेंट्स दिए जाए और पब्लिकली न बताया जाए कि राफेल में कौन-कौन से आधुनिक हथियार लगे हैं। इसलिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को Rafale के डाक्यूमेंट्स और प्राइस के बारे में बता दिया था जिसके बाद कोर्ट में अपना फैसला सुनाया।

वहीं 126 राफेल लड़ाकू विमानों की HAL के साथ डील पर बीजेपी ने कहा कि HAL के साथ ज्योति हुई वह खरीद के लिए नहीं थी बल्कि जॉइंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए थी। जिसमें इंजन फ्रांस की दसाल्त कंपनी ही बना कर देती और विमानों को बनाने में काफी समय लगता। ये डील इसलिए नहीं हो पाई क्योंकि HAL का कहना था सारे पार्ट्स हम नहीं बना रहे इसके दायित्व हमारा नहीं और दसाल्त का भी यही कहना था। इसलिए यह Rafale Deal अटकी रही।

BJP का कहना है कि जो हमने 36 राफेल लड़ाकू विमान लिए डायरेक्ट खरीदे हैं। जिसकी वजह से समय काफी कम लगा। यदि कांग्रेस की प्रक्रिया पर चलते तो यह 5 लड़ाकू विमान अगले 5 साल और न आ पाते।

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