वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा होगी चिन्मयानन्द की रिमांड पेशी

अपने ही कालेज की एक छात्रा से दुष्कर्म के मामले में पूर्व गृह राज्यमंत्री चिन्मयानन्द जेल में बंद है और बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिये उनकी रिमांड पेशी होने वाली है। चिन्मयानन्द की सुरक्षा के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा यह रिमांड पेशी होगी। चिन्मयानन्द 20 सितम्बर से जेल में बंद हैं और इससे पहले 3 अक्टूबर को भी उनकी रिमांड पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिये ही हुई थी।

चिन्मयानन्द के मोबाइल से लखनऊ की फोरेंसिक लैब में डाटा रिकवर करने की कोशिश नाकाम हो गई है जिसके बाद एसआईटी ने दोनों मोबाइल गोपनीय तरीके से बंगलूरू या फिर भोपाल की फोरेंसिक लैब में भेज दिया है, ताकि डाटा की रिकवरी हो सके जबकि छात्रा तथा उसके दोस्तों के मोबाइल अभी भी एसआईटी नहीं ढूंढ पायी है। एलएलएम की छात्रा से दुष्कर्म के बाद चिन्मयानन्द से 5 करोड़ रूपए की फिरौती मांगी गई थी जिसकी 6 सितम्बर से हाईकोर्ट में जांच हो रही है। जांच के दौरान चिन्मयानन्द के स्मार्ट फोन एसआईटी ने कब्ज़े में ले लिया था जिसमे से कुछ ज़रूरी डाटा गायब था।

शाहजहांपुर मेें दुष्कर्म पीड़ित छात्रा से मिलने पहुंचे सपाइयों ने किया धरना प्रदर्शन

सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि मोबाइल से डिलीट किया गया डाटा बहुत ज़रूरी है, अगर डाटा रिकवर हो जाता है तो एसआईअी की जांच मजबूत होगी और इस मुक़दमे को भी मजबूती मिल जाएगी। आरोपियों को जेल में बंद करने से पूर्व एसआईटी ने दुष्कर्म पीड़ित छात्रा और उसके मित्र संजय तथा  चिन्मयानंद के फोन की कॉल डिटेल निकाली, जिससे पता चला कि छात्रा की आठ महीने तक चिन्मयानंद से 200 बार बात हुई जबकि संजय से 42 सौ बार बात हुई है।