कैबिनेट बैठक में पास हुए 30 प्रस्ताव, सुरेश खन्ना और सिद्धार्थ नाथ सिंह ने की प्रेसवार्ता

Cabinet meeting of UP government
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उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक समाप्त हो चुकी है जिसमे 30 प्रस्तावों को पास किया गया है। कैबिनेट बैठक के बाद राज्य सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने संयुक्त प्रेसवार्ता किया। हाईकोर्ट में उत्तर प्रदेश रिकवरी ऑफ़ पब्लिक प्रापर्टी अध्यादेश 2020 के अंतर्गत रिट याचिका 2007 दाखिल की गई थी। इसमें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश द्वारा कहा गया था कि देशभर में राजनितिक पार्टियों को अवैध प्रदर्शनों व हड़ताल बंद करने के आह्वान पर उपद्रवियों द्वारा सार्वजनिक तथा निजी संपत्तियों को नुक्सान पहुँचाया जाता है तो उनमे से अवैध उपद्रवियों से रिकवरी करने के लिए नुक्सान की भरपाई करवाई जाएगी।

इस सम्बंध में नुक्सान की भरपाई के लिए कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव रखा गया था जिसकों सभी लोगों की सहमति से पास कर दिया गया है और बहुत जल्द इसके लिए नियमावली भी बनाई जाएगी। गोदामों के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश राज्य भण्डारण निगम द्वारा नाबार्ड के पक्ष में 148.70 शासकीय गारंटी को लेकर प्रस्ताव पास हुआ है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 104 किलोमीटर लम्बाई की रिंगरोड का निर्माण किया जा रहा है। इसमें लखनऊ से मोहनलालगंज मार्ग, लखनऊ से सीतापुर मार्ग, लखनऊ से कानपुर मार्ग तथा लखनऊ से फैज़ाबाद मार्ग के अंतर्गत 11 किलोमीटर लम्बी शारदा कैनाल के बगल में बन रही रोड को पहले 12 किलोमीटर लम्बी बनाया जा रहा था लेकिन अब 10 किलोमीटर लम्बी बनाया जाएगा। इस रोड को लोक निर्माण विभाग द्वारा बनवाया जाएगा।

भागीदारी संकल्प मोर्चा के बैनर तले पांच पार्टियों ने की प्रेसवार्ता

वित्त विभाग के तहत वन्य तथा जंतु विज्ञान से सम्बंधित जीपीएस प्रणाली के अंतर्गत जारी किये जाने वाले चेक में ऑनलाइन व्यवस्था शुरू हो गई है। ईसीएस की व्यवस्था के अंतर्गत 1 अप्रैल से ई-पेमेंट के तहत भुगतान करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी गई है। लोक सेवा आयोग की नियमावली में सैलरी को लेकर संशोधन करने का प्रस्ताव पास हुआ है। इसमें लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष व उनके सदस्यों की सैलरी है। पहले छठे वेतन आयोग के आधार पर सैलरी दी जाती थी वहीँ अब सातवें वेतन आयोग के आधार पर सैलरी दी जाएगी।

राज्य संपत्ति विभाग के समूह और समूह ग की नियमावली में संशोधन करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी मिली है। साल 2014 में इसमें विद्युत् विभाग द्वारा कहा गया था कि नियुक्ति अधिकारियों की तैनाती होगी और प्रमुख सचिव तथा सचिव स्तर के अधिकारी उसके विभागाध्यक्ष बनाए जाएंगे। इसे लेकर समूह ख के लिए प्रस्ताव पास हुआ है। इसके अलावा इस कैबिनेट बैठक के दौरान एमएसएमई की क्रय नीति 2020 की मंज़ूरी का प्रस्ताव पास किया गया है।

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