क्यों ? मंत्रिमंडल के विस्तार को अचानक करना पड़ा स्थगित

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी हो चुकी थी। जिसके चलते ही रविवार को छुट्टी के बाद भी सभी अफसरों को राजभवन बुलाया गया था। और भाजपा ने अपने विधायकों व मंत्रियों को लखनऊ भी बुला लिया था। पर रविवार को देर रात अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने सूचना दी कि सोमवार को मंत्रिमंडल विस्तार के कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है और सभी अधिकारियों को वापस भेज दिया गया है। यह कहकर कि जब आवश्यकता होगी तो उन्हें बुलाया जाएगा।

क्यों किया गया मंत्रिमंडल विस्तार को रद्द

सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल के विस्तार को रद्द करने का कारण पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की बिगड़ती सेहत की वजह से हुआ है। आपको बता दें कि अरुण जेटली इन दिनों एम्स में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज चल रहा है। मंत्रिमंडल के विस्तार में अच्छा काम करने वाले स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्रियों को कैबिनेट मंत्री बनाने का फैसला लिया गया है। वही करीब आधा दर्जन कैबिनेट तथा राज्यमंत्रियों की विदाई तय है जिनके स्थान पर मंत्रिमंडल में 11 नए चेहरों को जगह दिए जाने का संकेत है।

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प्रदेश अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने रविवार को सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपना त्यागपत्र सौंप दिया।  जिसके बाद मंत्रिमंडल में एक स्थान खाली हो गया है।, स्वतंत्र देव सिंह के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से ही उनका इस्तीफा देना तय था ।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार में अभी 43 मंत्री हैं।  इसमें अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं जिसके चलते अभी भी एक दर्जन मंत्री बनाए जाने के आसार हैं।