अयोध्या: मुसलमानों की बड़ी पहल कार्यशाला जाकर किया पत्थरों की सफाई

अयोध्या में श्री राम का मंदिर वर्षों से चर्चा का विषय बना हुआ है। जिसमें दोनों पक्ष अपना-अपना दावा करते आये हैं। जिसको लेकर इन दिनों सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी प्रतिदिन चल रही है। कहा जा रहा है कि इसी वर्ष 17 नवंबर तक राम जन्मभूमि का फैसला आने की उम्मीद है । राम जन्म भूमि को लेकर मुस्लिम पक्ष दो भागों में बटा हुआ है। एक पक्ष का कहना है कि वहां मस्जिद बननी चाहिए वहीं दूसरा पक्ष हिंदुओं के समर्थन में खड़ा है कि वहां मंदिर बनना चाहिए।

राम मंदिर को बनवाने के लिए हिंदुओं के साथ खड़ा मुस्लिम पक्ष, आज दिन सोमवार को अयोध्या में राम मंदिर बनने के लिए तराशे गए पत्थरों को जाकर देखा और उनकी सफाई भी की। बबलू खान के नेतृत्व में करीब 72 मुसलमानों ने राम घाट स्थित मंदिर निर्माण कार्यशाला पहुंचकर राम मंदिर बनने के लिए तराशे गए पत्थरों की सफाई की है।

रंजन गोगोई ने अयोध्या फैसले के कारण विदेश यात्रा रद्द की

आपको बता दें कि राम मंदिर बनने के लिए यह पत्थर दशकों से तराशे जा रहे हैं। जिनमें से अधिकतर पत्थरों पर कायी जम चुकी है। जिसकी सफाई आज मुसलमानों ने पहुंचकर की इसमें उनके साथ महंत बलराम दास, डॉ राघवेश दास, महंत बृजमोहन दास, छावनी के महंत परमहंस दास आदि मौजूद रहे।

इससे पहले वसीम रिजवी जो कि शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन हैं। जो की अयोध्या में राम मंदिर बनवाए जाने का समर्थन कर चुके हैं। मुस्लिम पक्ष के वो लोग जो राम मंदिर निर्माण के समर्थन में है।  वह समय-समय पर इसी तरह के अभियान  चलाकर हिंदू और मुसलमानों के बीच में आए हुए तनाव को दूर करने का प्रयास करते रहते हैं। जिसमे हिंदू भी उनका साथ देते हैं।  और समाज को यह संदेश देते हैं कि हम सब एक हैं।