Angrezi Medium Movie Review: फिल्म ने बताई अपने रिश्तो की अहमियत

Angrezi Medium Movie Review
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Angrezi Medium Movie Review:बॉलीवुड के अभिनेता Irrfan Khan ने एक बार फिर एक धमाकेदार फिल्म के साथ फिल्म जगत में वापसी की है। Irrfan Khan की वापसी का उनके फैन्स को बेसब्री से इंतजार था। जैसा की आप सबको पता है की कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे Irrfan Khan ने जबसे इस फिल्म की शूटिंग शुरू की थी। तभी से उनके चाहनेवाले फिल्म की बाट जोह रहे थे। इसमें कोई दो राय नहीं कि Irrfan Khan ने अपने फैन्स को इस फिल्म में उम्मीद से ज्यादा दिया और एक बार फिर यह साबित कर दिखाया कि उन्हें इस दौर का समर्थ और एफर्टलेस अभिनेता क्यों कहा जाता है।

गौरतलब है की Irrfan Khan कैंसर से भी लड़ाई लड़ रहे हैं। ऐसे मे उनकी फिल्म Angrezi Medium रिलीज़ हो गई है। Irrfan Khan की यह फिल्म हिन्दी मीडियम का सिक्वल है। हालांकि दोनों कहानियां अलग हैं। पहली कड़ी और Irrfan Khan के कारण फिल्म चर्चा मे है। लेकिन अब आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा की यह फिल्म आपका मनोरंजन कर पाएगी या नहीं ? तो आइये जानते हैं।

Angrezi Medium फिल्म की कहानी

Angrezi Medium फिल्म की कहानी उदयपुर में बसनेवाले चंपक बंसल Irrfan Khan की है, जो जानेमाने घसीटाराम मिठाईवाले के पोते के रूप में मिठाई की दुकान चलाता है। बीवी के इंतकाल के बाद उसकी दुनिया अपनी बेटी तारिका (Radhika Madan) के इर्द-गिर्द ही घूमती है।

बेटी का बचपन से सपना है कि वह लंदन पढ़ने जाए। बेटी को पालने-पोसने और मिठाई की दुकान चलाने के साथ-साथ उसे अपने दूसरे घसीटाराम भाई-बंधुओं के साथ अदालत में नाम और संपत्ति के मुकदमे भी लड़ने पड़ते हैं। इन मुकदमों में उसका कजिन भाई गोपी उसके जी का जंजाल बना हुआ है। तारिका ग्रैजुएट होने के साथ लंदन जाने के अपने सपने को पूरा करने के लिए कॉलेज की टॉपर बनने के लिए कमर कस लेती है।

काफी कड़ी मेहनत करके तारिका अच्छे मार्क भी ले आती है। लंदन के सबसे अच्छे कॉलेज से तारिका को बुलावा भी आता है। लेकिन चंपक की एक गलती के कारण तारिका के हाथ से ये मौका चला जाता है। चंपक कसम खाता है वो हर हाल मे बेटी का सपना पूरा करेगा।आपसी लड़ाई भूलकर गोपी भी चंपक की मदद के लिए आगे आता है। बड़ी जद्दोजहद कर चंपक, गोपी और तारिका लंदन पहुँचते तो हैं पर यहां उन्हें कई मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। आगे कहानी मे मिसेज कोहली (Dimple Kapadia), नैना (Kareena Kapoor Khan) की एंट्री होती है। क्या चंपक अपनी बेटी का सपना पूरा कर पाता है? इसके लिए उसे किन चुनौतियों का सामना करता पड़ता है? इन सवालों के जवाब जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

Angrezi Medium फिल्म का रिव्यू

Angrezi Medium से पहले आई Irrfan Khan की हिंदी मीडियम में निर्देशक Saket Choudhary ने भाषा के स्तर पर बंटे हुए समाज के प्रासंगिक विषय को छुआ था। यहां निर्देशक होमी अदजानिया कुछ कदम आगे बढ़कर यंग जनरेशन के जरिए विदेशों के आकर्षण के साथ-साथ बाप-बेटी के रिश्ते की पड़ताल भी करते नजर आते हैं। फिल्म का फर्स्ट हाफ बहुत ही मनोरंजक और कसा हुआ है।

मगर सेकंड हाफ में कहानी ड्रैग होने लगती है। मध्यांतर के बाद कई ट्रैक्स और चरित्रों की एंट्री होती है। क्लाइमैक्स थोड़ा नाटकीय है, जिसका अंदाजा पहले ही हो जाता है। मगर होमी की खूबी यह है कि कॉमिक एलिमेंट के बावजूद फिल्म को उन्होंने लाउड होने से बचाए रखा। छोटे शहर की मानसिकता, बोलचाल और पहनावे को उन्होंने किरदारों के साथ खूबसूरती से बुना है। सचिन-जिगर और तनिष्क बागची का संगीत भी काफी अच्छा रहा है।

लोगो ने दिए ऐसे रिस्पॉन्स

लोगो से बातचीत करते समय ही हमें यह लग गया था की फिल्म काफी अच्छी है। इसके साथ ही लोगो को इस फिल्म से जितनी उम्मीद से उससे कहि ज्यादा तारीफ बटोरती यह फिल्म नजर आ रही है। लोगो ने बताया की जितने समय तक Irrfan Khan परदे पर रहते हैं। अपने बॉडी लैंग्वेज, कमाल की कॉमिक टाइमिंग,अपने उदयपुरी एक्सेंट और जज्बाती दृश्यों से आपको बांधे रखते है। उनकी अभिनय अदायगी इतनी लाजवाब है कि आपको अहसास ही नहीं होता कि कैंसर जैसी बीमारी से रिकवर होते हुए। Irrfan Khan यह फिल्म शूट की होगी।

पिता के रूप में उनके कुछ दृश्य आंखें नम कर जाते हैं। बेटी के तौर पर Radhika Madan ने Irfan को हर तरह से कॉमप्लिमेंट किया है। एक बागी, मासूम, सपने देखनेवाली और पिता को प्यार करनेवाली Radhika Madan की भूमिका में कई परतें हैं। हर परत को उन्होंने ईमानदारी से निभाया है। पिता-पुत्री के रूप में उनकी केमिस्ट्री खूब जमी है। तो भाई के रूप में दीपक डोबरियाल ने Irfan के साथ दमदार जुगलबंदी पेश की है।

अपने किरदार के जरिए वे खूब मजे करवाते हैं। अपनी दमदार स्क्रीन प्रजेंस से करीना आते ही परदे पर छा जाती हैं। मगर दो -चार दृश्यों में उन्हें वेस्ट कर दिया गया है। पंकज त्रिपाठी छोटे-से रोल में याद रह जाते हैं। सहयोगी भूमिकाओं में Dimple Kapadia, Tilottama Shom, Ranvir Shorey, Kiku Sharda आदि ने अपना पार्ट मजेदार तरीके से निभाया है।

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