अडानी ग्रुप को मिली अमौसी एयरपोर्ट की कमान

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अमौसी हवाई अड्डे (Amousi Airport) की कमान अब अडानी ग्रुप को सौंप दी गई है। अब अडानी ग्रुप 1 अप्रेल से यहाँ पर विकास व प्रबंधन का जिम्मा संभालेगा। एएआई ने इसके लिए अडानी ग्रुप से 50 साल के लिए किया करार किया है जबकि एयर ट्रेफिक कंट्रोल और एटीसी की जिम्मेदारी एएआई के पास ही रहेगी। पिछले साल देश के 6 हवाई अड्डों को निजी हाथों में सौंपने का निर्णय लिया गया था जिसमे अडानी समूह ने सबसे बड़ी बोली लगाकर अमौसी एयरपोर्ट के लिए अपनी दावेदारी पेश किया था।

अडानी ग्रुप के मुखिया गौतम अडानी ने एक ट्वीट कर के इसकी जानकारी दी है और एएआई ने भी ट्वीट कर के इसकी पुष्टि की है। अडानी समूह मई तथा जून में एयरपोर्ट का काम समांतर रूप से देखना चालू कर देगा। अमौसी एयरपोर्ट के T3 टर्मिनल भी तेजी से बनाया जाएगा और रनवे की लंबाई को भी बढ़ाया जाएगा जिससे एयरपोर्ट के विकास को रफ्तार मिलेगी। अभी लखनऊ Airport के रनवे की लंबाई करीब 2742 मीटर तक है जबकि अंतर्राष्ट्रीय मानकों के हिसाब से रनवे की लंबाई 3500 मीटर तक होना चाहिए।

केंद्र सरकार ने अमौसी के चौधरी चरण सिंह अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के विकास तथा यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पिछले साल फरवरी में एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट के तहत अडानी ग्रुप को एयरपोर्ट देने का लेटर ऑफ इंडेंट जारी किया था। अडानी ग्रुप को अमौसी एयरपोर्ट सौंपने के बाद 1 अप्रैल से कई नियम तथा अधिकार बदल जाएंगे और कर्मचारियों की शिफ्ट में भी बदलाव होगा।

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इस समय भारतीय प्राधिकारण के 300 कर्मचारी लखनऊ एयरपोर्ट पर कार्यरत हैं जिसमे ऑपरेशन के ज़्यादातर कर्मचारी 1 अप्रैल के बाद ATS और नेविगेशन में लग जाएंगे और कॉमर्शियल के कर्मचारी 2 साल तक अडानी ग्रुप के साथ कार्य करेंगे। ट्रैफिक बढ़ाने के लिए अमौसी हवाई अड्डे पर निवेश को भी बढ़ावा दिया जाएगा और हवाई अड्डे के बाहरी हिस्से में कानपुर रोड तक नए सिरे से पार्क तथा सड़क का भी निर्माण करवाया जाएगा। इसके अलावा यह भी सुनने में आया है कि रनवे के विस्तार की अड़चनों को दूर करने का काम भी 1 अप्रैल के बाद कभी भी चालू किया जा सकता है।

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