यूपी अपराध नियंत्रण के लिए गठित की गई एक विशेष टीम

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उत्तर प्रदेश में जहाँ भाजपा सरकार लगातार कानून व्यवस्था को लेकर एक तरफ जागरूक होती नजर आ रही हैं। वहीं दूसरी तरफ राजधानी के डीजीपी ओपी सिंह लगातार पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ करने की कमान संभालेंगे हुए हैं। इसी सुरक्षा व्यवस्था के दौरान आज प्रदेश में लंबित विवेचना के निस्तारण को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस मुखिया ने एक विशेष टीम गठित की है जिसमें अपराध नियंत्रण में लंबित विवेचना पर निगरानी रखी जाएगी।

बता दें की यह जानकारी आज उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक कानून-व्यवस्था प्रवीण कुमार ने मीडिया को दी उन्होंने बताया कि अब लगातार विवेचना में होने वाले समस्याओं को यह टीम देखेगी साथ ही देशभर के विवेचना अधिकारियों को भी लगातार पुलिस मुख्यालय बुलाया जा रहा है और उनका प्रेसिडेंट भी किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में से अब तक कुल 28 निवेशकों को बुलाकर 29 धारियों का गण निरीक्षण किया गया है।इसके साथ ही विवेचना में हो रही तिथियों के सुधार हेतु मार्गदर्शन भी दिया गया है।

नई योजना के साथ की जाएगी की नई पहल: डीजीपी ओपी सिंह

पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रवीण कुमार ने बताया कि इस टीम द्वारा विवेचनात्मक प्रक्रियाओं में जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं के निवारण के लिए प्रति सप्ताह 6 निवेशकों को पुलिस मुख्यालय बुलाकर उनसे विवेचनात्मक प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की जाएगी। तथा उनके द्वारा पेश की गई केश डायरी का भी परीक्षण किया जायेगा।

इस विशेष टीम को बनाने से सरकार का उद्देश्य यह है की सबको न्याय सही समय पर मिल पाए.इसके लिए यह शुरुआत पुलिस मुख्यालय और डीजीपी ओपी सिंह द्वारा की गई है। इस टीम के दौरान सभी न्याय प्रक्रिया को और भी सरल और सुंदर बनाने के लिए यूपी पुलिस ने कोशिश कितनी कारगर होगी। प्रवीण कुमार ने कहा की यह भी भविष्य की बात है पर यह कहना गलत नहीं है कि शुरुआत अच्छी है और जिस तरह नई टीम गठित की गई है। उससे प्रदेश के लोगों को और आम आदमी को इससे फायदा जरूर मिलेंगे।