रामगोपाल हत्याकाण्ड मे घोषित बीस हजार का इनामिया गिरफ्तार

संत कबीर नगर पुलिस अधीक्षक ब्रजेश सिंह के मार्गदर्शन व अपर पुलिस अधीक्षक असित श्रीवास्तव के निर्देशन मे तथा क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद आनंद कुमार पाण्डेय के निकट पर्यवेक्षण में लखनऊ में की गयी अधिवक्ता रामगोपाल त्रिपाठी की हत्या का शेष अभियुक्त सूरज उर्फ मुनीराम पुत्र राम दुलारे निवासी ग्राम बगाही थाना नगर जनपद बस्ती को प्रभारी निरीक्षक खलीलाबाद तथा महुली की संयुक्त टीम ने बनियाबारी कृष्णा पैलेस के पास मुखलिसपुर रोड अपराह्न एक बजकर तीस मिनट पर किया गिरफ्तार। पूछताछ करने के बाद उसने घटना का पूरा इकबाल करते हुए घटनाक्रम को विस्तार से बताया।

लखनऊ एसटीएफ टीम द्वारा संपूर्ण घटना का खुलासा किया जा चुका है तथा उनके द्वारा घटना से संबंधित अभियुक्त सोमनाथ तथा सुभाष कनौजिया को पूर्व मे दिनांक 23.09.2019 को गिरफ्तार किया गया था। इस घटना के संबंध मे अभियुक्त सूरज से भी पूछताछ की गयी थी तथा यह जानकारी मिली कि पूरी घटना की योजना अभियुक्त सुभाष कनौजिया द्वारा बनाई गयी थी। जिसका रामगोपाल त्रिपाठी से प्रॉपर्टी डीलिंग का विवाद तथा पूर्व मे अपने बड़े भाई सुरेश चंद्र के साथ मारपीट किए जाने के कारण रंजिश चल रही थी। इसी का बदला लेने के लिए सुभाष कनौजिया द्वारा योजना बनाकर रामगोपाल त्रिपाठी को मुकदमे मे समझौते के नाम पर लखनऊ बुलवाया गया। जो लखनऊ में अपनी कार स्विफ्ट डिजायर यूपी 32 GW 2223 से आए थे। जिसके कारण दिनांक 7.9.2019 से परिवार के व्यक्तियो से उनका कोई संपर्क नहीं हो रहा था। इसी वजह से थाना खलीलाबाद पर दिनांक 8.9.2019 को उनकी गुमशुदगी दर्ज की गई थी।

मुनीम लूट हत्या काण्ड का खुलासा

लखनऊ पुलिस तथा एसटीएफ के सहयोग से गुमशुदगी की जांच के दौरान, थाना खलीलाबाद एवं सर्विलांस सेल के संयुक्त प्रयासो से संपूर्ण घटनाक्रम का खुलासा हुआ तथा सुभाष कनौजिया द्वारा लखनऊ मे गिरफ्तारी पर घटना का इकबाल करते हुए स्कोडा गाड़ी मे रामगोपाल को बगल मे बैठा कर मोहनलालगंज बाईपास रोड पर इंदिरा नहर की पटरी पर एक जगह ले जाकर कार मे ही पीछे बैठे हुए सोमनाथ व सूरज द्वारा गमछे को गले मे कसकर तथा स्वयं रामगोपाल के पैर पकड़कर बाद मे हाथो से गला दबाकर उसकी हत्या कर देना स्वीकार किया तथा 10 -12 किलोमीटर दूर गाड़ी से अचलीखेड़ा बैराज के आगे ले जाकर इंदिरा नहर मे मृतक रामगोपाल त्रिपाठी के शव को फेंक देना बताया गया। इसके बाद अभियुक्त सुभाष कनौजिया द्वारा सोमनाथ को समझाकर मृतक के दो मोबाइल फोनो को स्विच ऑफ कर पुलिस को गुमराह करने के लिए चारबाग रेलवे स्टेशन पर दोनो फोनो को अलग – अलग ट्रेन मे रख देने के लिए बताया गया। अभियुक्त द्वारा यह दोनो फोन चारबाग रेलवे स्टेशन लखनऊ पर प्लेटफॉर्म नंबर 1 व 2 पर खड़ी ट्रेन के जनरल डिब्बे के शौचालय मे स्विच ऑफ कर रख दिए गये थे। इनमे से एक फोन को जिस व्यक्ति द्वारा उठाया गया था उसे संत कबीर नगर सर्विलांस टीम द्वारा गहन प्रयास कर अरवल बिहार से पूछताछ के लिए लाया गया था। जिसके बाद यह पता चला कि इस व्यक्ति का घटना से कोई संबंध नही है तथा फोन सिर्फ गुमराह करने के लिए रखे गए थे।

घटना मे शामिल तीन अभियुक्तो मे से सोमनाथ तथा सुभाष कनौजिया को लखनऊ मे गिरफ्तार किया जा चुका है। और सूरज पर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर द्वारा गिरफ्तारी हेतु रुपया 20000 का पुरस्कार दिनांक 26.9.2019 को घोषित किया गया था। घटना मे प्रयुक्त स्कोडा कार, मोटरसाइकिल व मोबाइल अभियुक्तगण से पूर्व मे एस टी एफ लखनऊ द्वारा बरामद किए जा चुके है तथा मृतक की कार बरामद की जा चुकी है, जिसको छुपा कर अभियुक्तो द्वारा रखा गया था। अभियुक्तो द्वारा साजिश कर मृतक के शव को इंदिरा नहर मे हत्या करने के स्थान  से लगभग 11 किलोमीटर दूर नहर मे अचलीखेड़ा बैराज से आगे फेंक दिया गया था। मृतक के शव की बरामदगी के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे है इस हेतु थाना खलीलाबाद की एक टीम मृतक के परिजनो के साथ ही घटनास्थल के पास निरंतर लगी हुई है। टीम का संपर्क एस टी एफ लखनऊ तथा लखनऊ जिला पुलिस की टीम से भी है। नहर की डाउनस्ट्रीम के संबंध मे अभियंताओ से विशेषज्ञ राय लेकर घटनास्थल से आगे तक तलाश के सभी कोशिश जारी हैं।

घटनास्थल से लगभग 60 किलोमीटर दूर तक पूर्व मे ही नहर की मैनुअल सर्च की जा चुकी है तथा सभी संबंधित जिलो से आवश्यक सहयोग प्राप्त कर कार्यवाही की जा रही है। अभियुक्तो को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर शव बरामदगी के हर संभव प्रयास जारी रखे जायेगे। गिरफ्तार करने वाले पुलिस बल का विवरण -प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली खलीलाबाद श्रीप्रकाश यादव, कां0 जमीर, का0 विश्वनाथ सिंह, का0 वीरबहादुर, प्रभारी निरीक्षक थाना महुली प्रदीप कुमार सिंह, हे0का0 पप्पू सिंह, हे0का0 अनिल कुमार, उ0नि0 श्री धर्मेन्द्र कुमार सिंह, का0 मनीष गुप्ता।