जानिए किन कारणों से ए आर रहमान ने किया धर्म परिवर्तन

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फ़िल्मी जगत के मशहूर संगीतकार ए. आर. रहमान आज अपना 52 वां जन्मदिन मना रहे हैं। आपको बता दे की रहमान का संगीत सिर्फ दिल को सुकून नहीं देता बल्कि उनकी आवाज सीधा दिल तक पहुंचती है। शायद यहीं वजह है कि आज रहमान बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। ए. आर. रहमान ने अपनी आवाज से ऑस्कर को भी जीत लिया। इतना ही नहीं रहमान को कई नेशन और इंटरनेशनल अवॉर्ड के साथ दुनिया का सबसे प्रसिद्ध ऑस्कर अवॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है।

रहमान हिन्दू परिवार से है

ए. आर. रहमान का पूरा नाम अल्लाह रक्खा रहमान है। लोकप्रिय रूप से ए॰ आर॰ रहमान भारतीय फिल्मों के प्रसिद्ध संगीतकार हैं। जिन्होंने मुख्य रूप से हिन्दी और तमिल फिल्मों में संगीत दिया है। इनका जन्म 6 जनवरी, 1967 को चेन्नई, तमिलनाडु, भारत में हुआ। आपको बता दे की जन्म के बाद उनका नाम ‘अरुणाचलम् शेखर दिलीप कुमार मुदलियार’ रखा गया। वे पहले हिंदू थे।

जानिए किन कारणों से ए आर रहमान ने किया धर्म परिवर्तन

रहमान का असली हिंदू नाम

रहमान अपना असली नाम दिलीप कुमार जो कि उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं था। रहमान हमेशा से ही अपना नाम बदलना चाहते थे। मगर उन्हें ऐसा करने का सही मौका नहीं मिल रहा था। रहमान के पिता भी संगीतकार थे, और उन्हें संगीत विरासत में मिला है। रहमान 9 साल के थे, जब उनके पिता का देहांत हुआ था। पिता के जाने के बार घर के हालात ऐसे हो गए कि उन्हें घर में रखे वाद्ययंत्र तक बेचने पड़े थे। रहमान की मां को सूफी संत पीर करीमुल्लाह पर पूरा भरोसा था। हालांकि उनकी मां हिन्दु धर्म को मानती थी।

बहुत ही कठिनायों से मिली सफलता

इसी बीच उनके परिवार ने इस्लाम धर्म अपनाया। बैंड ग्रुप में काम करते हुए ही उन्हें लंदन के ट्रिनिटी कॉलेज ऑफ म्यूजिक से स्कॉलरशिप भी मिली जहाँ से उन्होंने पश्चिमी शास्त्रीय संगीत में डिग्री प्राप्त की। इसके बाद रहमान ने अपना खुद का म्यूजिक रिकॉर्ड करना शुरु किया। उन्हें फिल्म डायरेक्टर मणिरत्नम ने अपनी फिल्म रोजा में संगीत देने का न्योता दिया।

इस फिल्म से प्रारम्भ हुई जीत

उनकी यह फिल्म म्यूजिकल हिट रही और पहली फिल्म में ही रहमान ने फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार जीता। इस पुरस्कार के साथ आरंभ हुआ रहमान की जीत का सिलसिला आज तक जारी है। रहमान के गानों की 200 करोड़ से भी अधिक रिकॉर्डिग बिक चुकी हैं। आज वे विश्व के टॉप टेन म्यूजिक कंपोजर्स में गिने जाते हैं। उन्होंने तहजीब, बॉम्बे, दिल से, रंगीला, ताल, जीन्स, पुकार, फिज़ा, लगान, मंगल पांडे, स्वदेश, रंग दे बसंती, जोधा-अकबर, जाने तू या जाने ना, युवराज, स्लमडॉग मिलियनेयर, गजनी जैसी फिल्मों में संगीत दिया है।

कई डांसरो के साथ मिलकर बनाया ग्रुप

उन्होंने देश की आजादी की 50 वीं वर्षगाँठ पर 1994 में “वंदे मातरम्‌” एलबम बनाया, जो अत्यधिक सफल रहा। भारतबाला के निर्देशन में बनी एलबम जन गण मन जिसमें भारतीय शास्त्रीय संगीत से जुड़ी कई नामी हस्तियों ने सहयोग दिया उनका एक और महत्वपूर्ण काम था। उन्होंने स्वयं कई विज्ञापनों के जिंगल लिखे और उनका संगीत तैयार किया। उन्होंने जाने-माने कोरियोग्राफर प्रभुदेवा और शोभना के साथ मिलकर तमिल सिनेमा के डांसरों का ग्रुप बनाया जिसने माइकल जैक्सन के साथ मिलकर स्टेज कार्यक्रम दिए।

उनके धर्म बदलने का कारण

एक इंटरव्यू के दौरान रहमान ने बताया था कि मुझे मेरा नाम पसंद नहीं था। वह मेरी इमेज पर सूट भी नहीं करता था। इसलिए उन्होंने नाम बदलने की सोची। एख बार वह अपनी बहन की कुंडली दिखाने एक ज्योतिष के पास गए और मैंने उनसे अपने नाम बदलने की बात रखी। उन्होंने मुझे अब्दुल रहमान और अब्दुल रहीम नाम रखने की सलाह दी। मुझे रहमान नाम पसंद नहीं था और मां चाहती थी कि मैं अपने नाम में अल्लाह रक्खा जरूर रखूं। मुझे रहमान नाम पसंद आया और मां की पसंद को ध्यान रखते हुए मैंने ए आर रहमान नाम रख लिया।

एक साल में कमाते है करोड़ो रुपये

अगर उनकी कमाई की बात करें तो उन्होंने 2019 में 94.8 करोड़ रुपये की कमाई की है और लिस्ट में 16वें स्थान पर हैं। इससे पहले 2018 में वो 11 वें स्थान पर थे और उनकी कमाई 66.75 करोड़ रुपये थी। वहीं 2017 में उन्होंने अपने गानों से 57.63 करोड़ रुपये कमाए थे।

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