3 Mukhi Rudraksha से बदलेगी आपकी किस्मत, जीवन में होगी धन वर्षा

3 Mukhi Rudraksha
3 Mukhi Rudraksha

रुद्राक्ष का हिन्दू धर्म में एक विशेष महत्व होता है , रुद्राक्ष को शास्त्रों में भगवान शिव का ही स्वरुप माना जाता है। मान्यता है की रुद्राक्ष को धारण करने वाले के सारे कष्टों का निवारण हो जाता है। जो लोग 3 Mukhi Rudraksha को पहनते है उन पर भगवान शिव की विशेष कृपा होती है। रुद्राक्ष को धारण करने से केवल धार्मिक ही नहीं स्वास्थ्य लाभ भी होता है। रुद्राक्ष कई प्रकार के होते है , सभी रुद्राक्ष का अपना एक  महत्त्व होता है। रुद्राक्ष पहनने से व्यक्ति के मान सम्मान में वृद्धि होती है।

रुद्राक्ष की उत्पत्ति कैसी हुयी 

हिन्दू मान्यताओं के अनुसार रुद्राक्ष को काफी शुभ माना गया है ,माना जाता है रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई है। पुराणों में इसकी कई कथाये प्रचलित है जो निम्न है-

कहा जाता है की एक बार  भगवान शंकर ने हज़ार वर्षो की कठिन तपस्या की थी , जब उनकी तपस्या पूर्ण हुई तो उन्होंने अपने नेत्र खोले तो उनके नेत्रों से अश्रुओं की धारा बहने लगी।  इन्ही अश्रुओं की बूंदे जब धरतीं पर गिरी , जिस जगह पर ये बूंदे गिरी उन जगह पर रुद्राक्ष के पेड़ उग गए।  उन्ही पेड़ो के जो फल लगे उन्हें ही रुद्राक्ष नाम से जानते है। 

देवी भागवत पुराण के अनुसार राक्षस त्रिपुरासुर देवताओ और ऋषि मुनियो को काफी परेशान करता था।  कोई भी देवता और ऋषि मुनि राक्षस त्रिपुरासुर को परास्त नहीं कर पता था। सभी देवता और ऋषि मुनि अपनी विनती लेकर भगवान शिव जी के पास मदद के लिए पहुंचे।

उन सब की पीड़ा को सुनकर भगवान शिव बहुत दुखी हुए और उनकी मदद करने के लिए योग निद्रा में लीन हो गए। फिर जब उन्होंने अपना नेत्र खोला तो उनकी आंखों से आंसू की कुछ बूंदे धरती पर गिरी । कहा जाता है कि भगवान शिव की उन्ही आंसुओं की बूंदों से रुद्राक्ष की उत्पत्ति हुई।

एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार जब माता सति ने हवनकुंड में कूदकर आत्मदाह कर लिया था , तब भगवान शिव काफी विचलित हुए और वो माता सति के अर्ध जले हुए शरीर को लेकर तीनो लोक में विलाप करते हुए विचरण करने लगे तब उनके आँखों से जो बूंदे गिरी उनसे रुद्राक्ष के वृक्ष की उत्पत्ति हुई।  इन्ही वृक्षों से रुद्राक्ष नमक फल की प्राप्ति हुई। 

रुद्राक्ष कितने प्रकार के होते है

रुद्राक्ष वृक्ष के फल से प्राप्त होने वाले बीज होते है यह कई प्रकार के होते है । रुद्राक्ष की पहचान उसके मुखों की संख्या को गईं के होती है, जिसे मुखी कहा जाता है। यह रुद्राक्ष फल के मुखों की संख्या के आधार पर अलग-अलग प्रकारों में वर्गीकृत होते हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार रुद्राक्ष 14 प्रकार के होते है। जो अपने मुख्य धार्मिक महत्व के कारण प्रसिद्ध हैं।

एक मुखी रुद्राक्ष (Ek Mukhi Rudraksha)
भगवान शंकर का प्रतीक होता है |1 मुखी रुद्राक्ष को पहनने से व्यक्ति को सफलता , नाम , धन दौलत व धार्मिक कामो में सफलता के लिए इसे धारण करना चाहिए।
दो मुखी रुद्राक्ष (Do mukhi Rudraksha)
अर्धनारीश्वर का प्रतीक होता है। 2 मुखी रुद्राक्ष को पहनने से व्यक्ति को सभी प्रकार की परेशानिया , व्यापारिक कर्ज , और बिमारियों से राहत मिलती है और स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है।
तीन मुखी रुद्राक्ष (Teen Mukhi Rudraksha)
यह अग्नि का प्रतीक होता है। जो व्यक्ति 3 मुखी रुद्राक्ष को धारण करता है उसके आत्म विश्वास और मन सम्मान में भी बढ़ोतरी होती है , और उसे किये गए पापो से मुक्ति मिलती है।
चार मुखी रुद्राक्ष (Char Mukhi Rudraksha)
यह रुद्राक्ष ब्रह्म श्वरूप होता है जो इसे पहनता है उसे ब्रह्मा जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। 4 मुखी रुद्राक्ष धारण करने से मन को शांति मिलती है और मानसिक बीमारिया समाप्त होती है।
पांच मुखी रुद्राक्ष (Panch Mukhi Rudraksha) 
यह रुद्राक्ष कालाग्नि स्वरूप होता है। जो व्यक्ति 5 मुखी रुद्राक्ष को धारण करता है उसकी अकाल मृत्यु नहीं होती है साथ ही धारण करने वाले को उच्च पद और प्रतिष्ठा और मान सम्मान दिलाने में सहायक होता है।
छह मुखी रुद्राक्ष (Chhah Mukhi rudraksha)
यह रुद्राक्ष भगवान शंकर जी के पुत्र कार्तिकेय को समर्पित होता है। 6 मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से व्यक्ति के मन से आलस्य और नकारात्मक विचार दूर होते है इसको पहनने से व्यक्ति को सुख समृद्धि प्राप्त होती है।
सात मुखी रुद्राक्ष (Saat Mukhi Rudraksha)
7 मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से जीवन में सफलता, सुख, शांति, समृद्धि और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। यह रुद्राक्ष मुख्य रूप से भगवान काल भैरव के लिए समर्पित होती है और इसे धारण करने से भय, अशांति और अस्थिरता से छुटकारा मिलता है
आठ मुखी रुद्राक्ष (Aath Mukhi Rudraksha)
यह रुद्राक्ष भगवान गणेश का प्रतीक होता है। 8 मुखी रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति को भय और असुरक्षा की भावना से मुक्ति मिलती है। आठ मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से व्यक्ति को शांति, स्वास्थ्य और आत्मिक शक्ति मिलती है।
नौ मुखी रुद्राक्ष (Nau Mukhi Rudraksha)
देवी भगवती और शक्ति का का प्रतीक होता है। 9 मुखी रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति को नैतिकता, आत्मविश्वास, भक्ति, धैर्य और सामरिक विजय में सहायता मिलती है। जो इसको धारण करता है उन्हें सुख, समृद्धि और सम्पन्नता प्राप्त होती है।
दस मुखी रुद्राक्ष (Das Mukhi Rudraksha)
यह रुद्राक्ष दशों दिशाओं और यम का प्रतीक होता है। 10 मुखी रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति को सामरिक प्रतिष्ठा, ध्यान, भक्ति, स्वास्थ्य और समृद्धि मिलती है। यह रुद्राक्ष रक्षा और सुरक्षा प्रदान करती है और व्यक्ति को बुराईयों और नकारात्मकता से बचाती है
ग्यारह मुखी रुद्राक्ष (Gyarah Mukhi Rudraksha)
यह रुद्राक्ष साक्षात भगवान रुद्र का प्रतीक होता है। 11 मुखी रुद्राक्ष धारण करने से लाभ, सम्मान और मन की शांति मिलती है। इसको पहनने से व्यक्ति भक्तिमय, निष्ठावान और धर्मप्रेमी बनता है और उसे संकट और विपत्ति से रक्षा मिलती है।
बारह मुखी रुद्राक्ष (Barah Mukhi Rudraksha)
यह रुद्राक्ष अग्नि , तेज और सूर्य का प्रतीक होता है 12 मुखी रुद्राक्ष पहनने से व्यक्ति को भगवान सूर्यदेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह रुद्राक्ष सौभाग्य और संपन्नता का प्रतीक है और इसको पहनने वाले व्यक्ति को धन, सम्मान और समृद्धि प्राप्त होती है।
तेरह मुखी रुद्राक्ष (Terah Mukhi Rudraksha)
विजय और सफलता का प्रतीक होता है यह रुदाक्ष। 13 मुखी रुद्राक्ष पहनने वाले व्यक्ति को संतान लाभ, कार्य सिद्धि, शक्ति, ध्यान, अंतःकरण शुद्धि और आनंद मिलता है।
चौदह मुखी रुद्राक्ष (Chaudah Mukhi Rudraksha)
इसको भगवान शंकर स्वरूप माना जाता है इसमें 14 मुख होते है। कहा जाता है इसको धारण करने वालो को भगवान शिव का विशेष आर्शीवाद प्राप्त होता। 14 मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से व्यक्ति के सरे कष्ट दूर होते है।

किस राशि के लोगो को कौन सा रुद्राक्ष पहनना चाहिए

रुद्राक्ष को धारण करने के लिए राशि के महत्वपूर्ण तत्वों के साथ व्यक्ति की जन्म तिथि, स्वास्थ्य, ग्रहों के स्थिति आदि का ध्यान रखना चाहिए। कुछ राशियों के लोगों को विशेष रुद्राक्ष धारण करने की सलाह दी जाती है। विभिन्न राशियों के लोगों के लिए निम्नलिखित रुद्राक्ष सुझाए जा सकते हैं |

1- मेष राशि (Aries)
मेष राशि के स्वामी ग्रह मंगल हैं , इस राशि के लोगों को 1 मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। इसके साथ मेष राशि वाले लोगो के लिए 3 मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ माना गया है।
2- वृषभ राशि (Taurus)
वृषभ राशि के स्वामी ग्रह शुक्र है अत: वृषभ राशि के लोगो को अपने जीवन में शुभ फल की प्राप्ति चाहते है तो उन्हें 4 मुखी रुद्राक्ष, 6 मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।
3- मिथुन राशि (Gemini)
मान्यता है कि मिथुन राशि के स्वामी ग्रह बुध है , इस राशि के लोगो को 4 मुखी रुद्राक्ष , 5 मुखी रुद्राक्ष या 13 मुखी रुद्राक्ष धारण कर सकते हैं | इससे सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
4- कर्क राशि (Cancer)
कर्क राशि के स्वामी ग्रह चंद्रमा हैं , ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कर्क राशि के लोग 3 मुखी रुद्राक्ष व 5 मुखी रुद्राक्ष धारण कर सकते हैं।
5- सिंह राशि (Leo)
सिंह राशि के स्वामी ग्रह सूर्य हैं. अत: इस राशि के लोगो को शुभ फलो की प्राप्ति के लिए 1 मुखी रुद्राक्ष , 3 मुखी रुद्राक्ष व 5 मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।
6- कन्या राशि (Virgo)
कन्या राशि के स्वामी ग्रह बुध हैं, कन्या राशि के लोग अगर 4 मुखी रुद्राक्ष और 13 मुखी रुद्राक्ष धारण करेंगे तो उन्हें सकारात्मक परिणाम मिलेंगे , उनके जीवन से नकारात्मकता दूर होगी।
7- तुला राशि (Libra)
तुला राशि के स्वामी ग्रह शुक्र हैं, इनके लिए 6 मुखी रुद्राक्ष अथवा 14 मुखी रुद्राक्ष पहनना शुभ रहता है।  तुला राशि वाले शुभ फलों की प्राप्ति के लिए इसे धारण करें।
8- वृश्चिक राशि (Scorpio)
वृश्चिक राशि के स्वामी ग्रह मंगल हैं , जीवन ने सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए वृश्चिक राशि के लोगों को तीन मुखी रुद्राक्ष , पांच मुखी रुद्राक्ष पहनना चाहिए।
9- धनु राशि (Sagittarius)
धनु राशि के स्वामी ग्रह (गुरु)बृहस्पति हैं , धनु राशि वालो के लिए 1 मुखी रुद्राक्ष , 3 मुखी रुद्राक्ष व 5 मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ माना गया है।
10- मकर राशि (Capricorn)
मकर राशि के स्वामी ग्रह शनि हैं , मकर राशि के लोग भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए 4 मुखी, 6 मुखी रुद्राक्ष धारण कर सकते हैं| ये रुद्राक्ष इनके लिए शुभ होते हैं.
11- कुंभ राशि (Aquarius)
कुंभ राशि के स्वामी ग्रह शनि हैं, अत:इस राशि के लोगो को जीवन में सफलता पाने के लिए 4 मुखी रुद्राक्ष या 14 मुखी रुद्राक्ष पहनना चाहिए।
12- मीन राशि (Pisces )
मीन राशि के स्वामी ग्रह गुरु हैं, जीवन में सुख-शांति पाने के लिए मीन राशि के लोगो को 3 मुखी रुद्राक्ष या 5 मुखी रुद्राक्ष धारण करने की सलाह दी जाती है।

तीन मुखी रुद्राक्ष क्या है (What is Three Mukhi Rudraksh)  

तीन मुखी रुद्राक्ष को अग्निदेव का प्रतीक  माना गया है । एक प्रकार से यह त्रिदेव का भी प्रतीक होता है जो तीन मुखी रुद्राक्ष को धारण करता है उस पर ब्रह्मा विष्णु महेश तीनो देवता प्रसन्न रहते है। Teen Mukhi Rudraksha में तीनो देव ब्रह्मा विष्णु महेश की शक्तियों का समावेश होता है। जो इसे पहनते है उनकी धन और आयु की वृद्धि होती है। मंगल दोष के निवारण के लिए भी 3 मुखी रुद्राक्ष को पहना जाता है। 

इसको भी पढ़े – Vastu Shastra: ईस्ट या वेस्ट किस दिशा में होना चाहिए घर

तीन मुखी रुद्राक्ष में तीन मुख (चेहरे) वाले रुद्राक्ष बीज होते है। यह रुद्राक्ष में सबसे प्रसिद्ध होता है और हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण होता है।  इसे त्रिमुखी रुद्राक्ष भी कहते है। 

तीन मुखी रुद्राक्ष को पहनने के फायदे (Benefits of Three Mukhi Rudraksha )

तीन मुखी रुद्राख धारण करने से व्यक्ति को कई प्रकार का लाभ होता है। इसको धारण करने से व्यक्ति के अंदर क्रोध ईर्ष्या लोभ के नकारात्मक भाव ख़त्म होते है उसके जीवन में प्रकाश की उत्पत्ति होती है। इसको पहनने से परोपकार धर्म जैसे सकारात्मक भाव उत्पन्न होते है |

  1. इसको धारण करने से व्यक्ति के अंदर की नकारात्मक शक्ति नष्ट होती है। व्यक्ति के अंदर सकारात्मक विचार आने लगते है|  जिससे व्यक्ति के अंदर का आलस्य दूर होता है व नयी ऊर्जा आती है |
  2. 3 Mukhi Rudraksha को त्रिशक्तियों का प्रतीक माना जाता है। इसमें ब्रह्मा विष्णु महेश तीनो देवताओ की शक्तिया मिली होती है जो इसको धारण करता है उसे तीनो देवताओ का आशीर्वाद प्राप्त होता है।  इसे गले में धारण करने से व्यक्ति की कई सारी शारीरिक समस्याओ का समाधान होता है। 
  3. 3 Mukhi Rudraksha को धारण करने से व्यक्ति का मन और शरीर शुद्ध होता है जिससे उसकी एकाग्रता और ध्यान करने की छमता बढ़ती है। इसको पहनने से विद्यार्थियों को लाभ होता क्योकि इससे उनकी ध्यान करने की छमता बढ़ती है जिससे उनको पढ़ा हुआ विषय जल्दी याद होता है।
  4. 3 Mukhi Rudraksha का सम्बन्ध मंगल देवता से भीं है | जिन लोगो की राशि में मंगल गृह विराजमान है या नकारात्मक स्थिति में है उनको इसे जरूर धारण करना चाहिए । 3 Mukhi Rudraksha गले में पहनने से व्यक्ति के ऊपर विराजमान मंगल दोष शांत होता है। जिसके कारण मंगल दोष की वजह से उनके रुके हुए काम पूर्ण होते है | मंगल दोष की वजह से जिन लोगों को विवाह करने में परेशानी आ रही हो उन्हें तीन मुखी रुद्राक्ष जरूर धारण करना चाहिए इसको धारण करने से मंगल दोष शांत होता है , जिससे व्यक्ति के रुके हुए कार्य पूर्ण होते है।
  5. जो लोग नौकरी करते है उन्हें 3 Mukhi Rudrakshaजरूर धारण करना चाहिए इसको पहनने से उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में सफलता मिलती है।अगर आप अपने कार्यक्षेत्र में आगे जाना चाहते है तो इसे जरूर पहने क्योकि इसको पहनने से आप ऊर्जावान महसूस होंगे आपको अपने कार्य को करने में मन लगा रहेगा।  

तीन मुखी रुद्राक्ष किसे पहनना चाहिए

3 Mukhi Rudraksh धारण करने से वृश्चिक और मेष राशि वाले व्यक्तियों को बहोत फायदा होता है। इसको पहनने से इन लोगो को आर्थिक लाभ होता है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक जिन लोगो की कुंडली में मंगल दोष है वो भी तीन मुखी रुद्राक्ष पहन सकते है। वैसे तो 3 Mukhi Rudraksha को कोई भी पहन सकता है इसको पहनने से व्यक्ति को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होता है। अगर आप तीन मुखी रुद्राक्ष को धारण करना चाहते है तो आप इसे सोमवार या गुरुवार के दिन सुबह स्नान करके धारण कर सकते है।

तीन मुखी रुद्राक्ष (Three Mukhi Rudraksha) की पहचान कैसे करे

रुद्राक्ष को पानी में डाल के उसकी पहचान करते है की रूद्राक्ष असली है या नकली। असली रुद्राक्ष पानी में डालने पर डूब जाता है वही नकली रुद्राक्ष पानी में तैरता रहता है। सरसो के तेल में डाल के रुद्राक्ष की पहचान की जाती है , असली रुद्राक्ष सरसो के तेल में डालने पर रंग नहीं छोड़ता है जबकि नकली रुद्राक्ष छोड़ देता है। असली रुद्राक्ष में प्राकृतिक छेद बने होते है। तीन मुखी रुद्राक्ष में तीन धारिया (three lines) बनी होती है। तीन धारिया ही इसकी प्रमुख पहचान है |

तीन मुखी रुद्राक्ष की कीमत (Price of Three Mukhi Rudraksha)

वैसे तो तीन मुखी रुद्राक्ष की कीमत की कोई सटीक जानकारी नहीं है।  कई ई कॉमर्स वेब साइट्स 3 Mukhi Rudraksha को ऑनलाइन बेचती है आप उसे वहां से भी खरीद सकते है | आप इसे ऑनलाइन खरीदने से पहले इसकी असली होने की पुष्टि कर ले। आपको इस पोस्ट में बता दिया है की इसके असली होने की पुष्टि कैसे कर सकते है।

तीन मुखी रुद्राक्ष कहा मिलता है

रुद्राक्ष पेड़ के फल का बीज होता है , इस बीज पर प्राकृतिक रूप से कुछ धारिया बनी होती है इन धरियो की संख्या को गिन के ही पता करते है कौन सा मुखी रुद्राक्ष है। जैसे अगर दो धारिया हुई तो दो मुखी रुद्राक्ष है , तीन धारिया हुई तो तीन मुखी रुद्राक्ष है। भारत में रुद्राक्ष मुख्यतः बंगाल एवं आसाम के जंगलों, हरिद्वार एवं देहरादून के पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाता है। इडोनेशिया में विशेष तौर पर एक मुखी दोमुखी एवं तीनमुखी रुद्राक्ष पाए जाते है। रुद्राक्ष नेपाल में भी काफी मात्रा में पाए जाते है

उम्मीद करते है की आपको 3 मुखी रुद्राक्ष से जुडी वह सभी जानकर दे पाया हूँ जो आप जानना चाहते है अगर आपका कोई सवाल है तो आप हमें कमेंट के माध्यम से पूछ सकते है।

 

 

About Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

nineteen − 16 =