इंदौर पटना एक्सप्रेस से 236 कछुए हुए बरामद

  • वन विभाग की तरफ से वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का दर्ज किया जाएगा मुकदमा
  • कछुओं की इस खेप को पटना के रास्ते पश्चिम बंगाल भेजे जाने की हो रही थी तैयारी
  • यौनवर्धक दवा बनाने में भी किया जाता है कछुओं का इस्तेमाल

कछुआ तस्करों ने रेलगाड़ियों को तस्करी करने का प्रमुख जरिया बना लिया है। पुलिस ने इंदौर पटना एक्सप्रेस पर सुल्तानपुर जंक्शन से 236 कछुओं की खेप बरामद किया है। आरपीएफ तथा जीआरपी की सक्रियता से पुलिस को यह कामयाबी हाथ लगी है।

कछुओं की खेप बरामद होने पर रेंजर अमरजीत मिश्र ने कहा है कि वन विभाग की तरफ से वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। कछुओं की इस खेप को पटना के रास्ते पश्चिम बंगाल भेजे जाने की तैयारी की जा रही थी। कछुओं का तस्कर अमेठी जिले के जगदीशपुर के अंतर्गत रहने वाला है जिसे जल्दी ही जेल भेजा जाएगा।

दुर्लभ प्रजाति के उल्लूओ के तस्कर गिरफ्तार, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ो रूपये

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कछुओं की कीमत बहुत ज़्यादा होती है और एक कछुआ हज़ारों से लाखों रूपए तक में बिकता है। इन कछुओं का इस्तेमाल दवाइयां बनाने के काम में लिया जाता है। कछुओं का इस्तेमाल यौनवर्धक दवा बनाने में भी किया जाता है।